Mithakiya Avadharana Aur Tulsi Sahitya

मिथकीय समीक्षा पद्धति के आधार पर तुलसी साहित्य और श्रीरामचरितमानस के प्रतीक-बोध का अध्ययन।

Tulsi Dal 1 · शोध-ग्रंथ

लेखक: डॉ. राधानंद सिंह

पुस्तक का परिचय

इस शोध-ग्रंथ में मिथक को भारतीय पुरावृत्त, पुराख्यान और पुरागाथा के संदर्भ में समझाया गया है। लेखक मिथक की कथात्मक संरचना और प्रतीकात्मक अर्थ को साहित्य की प्रेरणा तथा मानवीय अनुभव से जोड़ते हैं।

आठ अध्यायों में मिथक के स्वरूप और प्रयोजन, तुलसीपूर्व रामाश्रयी काव्य, तुलसी-काव्य में मिथकीय अभिव्यक्ति और रामकथा की सांस्कृतिक प्रासंगिकता पर विचार किया गया है। यह पुस्तक तुलसी साहित्य के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए एक अध्ययन-संदर्भ है।

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